Saturday, 11 April 2020

#साइड_ए _साइड_बी_की_कहानी

आइये क़िस्से कहानी की दुनिया में वापसी करते हैं।

इतवार का दिन है बिट्टू और पम्पू  सुबह ११ बजे निकल पड़े हैं बाजार की तरफ, सब्ज़ी लाने  कहा है आज माँ ने और बिट्टू के हाथ में है दो ऑडियो कैसेट , एक में पुरे कैसेट में जय माता दी लिखा हुआ है और दूसरे में अमिताभ जी की फोटो है--
-- रुकिए पहले फ़्लैश बैक चलते हैं, ऐसा है की ये कहानी है 90 के समय की जब ऑडियो कैसेट में गाने सुनके झूमा जाता था साइड ए  ख़तम हो जाने पर साइड बी पलट के लगाया जाता था और थोड़ा बहुत आगे पीछे करने के लिए पेंसिल  में फसा कर कैसेट के बीच  की चकरी  घुमा ली जाती थी , साथ में  टेपरिकॉर्डर में लाल बटन अलग होता था जिस से खुद की आवाज़ रिकॉर्ड की जा सकती थी --

बिट्टू पम्पू  से पूछता है , " भाई ये जय मा तादी  कौन सी माता होती है, 
पम्पू -" भाई ये पहाड़ों के साइड की कोई माता होगी अपने को क्या करना है,
 चल पहले जल्दी जल्दी सब्ज़ी ले फिर माखीजा  अंकल के यहाँ से गाने भरवाएंगे. 

सब्ज़ी बाजार पहुंच कर - ' भैया टमाटर, मूली, बैगन, आलू प्याज़ सब आधा आधा किलो दे दो,
और धनिया मिर्च दोनों एक एक रुपये का "

सब्ज़ी लेने के बाद पम्पु ने पूछा ' भाई कितने पैसे बचे ?
"चौदह रुपये हैं अभी तो "
" तो तीन तीन  गाने दोनों तरफ मतलब छह  गाने मतलब बारह रुपये, दो रुपये बचेंगे तेरे और मेरे पास भी दो रुपये हैं, चल रामलाल चाचा के यहाँ दो घिसनी बर्फ खा लेते हैं "
" चल यार मन तो मेरा भी है"

" चाचा दो जगह घिसनी बर्फ दो दो रुपये वाली और सेवइयां ज्यादा डाल  देना मेरे में  "

अब दो नो पहुंचे माखीजा  कैसेट लाइब्रेरी 
" भैया इस कैसेट में छह गाने डाल  दो "
हम्मा  - हम्मा,
पहला नशा ,
एक सनम चाहिए आशिकी के लिए ,
कोयल सी तेरी बोली,
अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का "

ये लो कैसेट 
" ठीक है १० मिनट रुको और १२ रुपये लगेंगे ठीक है ?"
हाँ हाँ 
"पर तुमने पांच गाने लिखे हैं एक और बता दो" 
 " अबे तू बोलना , 
हाँ मैं बोल  देता हूँ  - भैया छठा गाना - धक् धक् करने लगा, मोरा जियरा डरने लगा ये डाल  दो "

माखीजा  अंकल देख कर मुस्कुरा दिया 
१० मिनट बाद दोनों कैसेट  लेकर घर निकल चुके थे, और दोपहर भर गाने सुनने का प्लान था आज तो वो भी छठे  गाने की ओरे से प्ले करके। .. 


ऐसे ही kahaniwala  के साथ जुड़े रहिये नयी क़िस्से कहानी के साथ फिर मिलेंगे जल ही 

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Friday, 10 April 2020

#बचपन_की_कहानी
चलिए यादों के झरोखे से चुनते हैं कुछ मोती
ये बात है कोई नब्बे के दशक की जब गर्मियों की छुट्टी में टीवी देखने से ज्यादा जरूरी आम तोड़ना और 
मोबाइल पे पब्जी खेलने से ज्यादा जरूरी कंचे और सत्तुल खेलना होता था, उसी समय का बिट्टू और उसकी कहानी ( प्यारा बच्चा इसलिए नहीं लिख रहा है क्योंकि आप भी पढ़ने के बाद प्यारा नहीं कहेंगे😁 )
" मां
"हां बिट्टू
"कुछ पैसे चाहिए थे
"कितने और क्यों ?
"ज्यादा नहीं मां बस १० रुपए
०२ रुपए कॉमिक्स दुकान वाले को देने हैं, ०३ रुपए के कंचे, एक अन्तर्देशीय पत्र खरीदूंगा घिसा बर्फ खाऊंगा और बस
"पत्र क्या करेगा ? किसे लिखेगा ?
"सुरभि दूरदर्शन में लिखेंगे सब दोस्त मिलकर , पंपू के मामा ने लिखा था तो पिछले रविवार उसे दूरदर्शन पे पढ़कर सुनाए थे
$¢€ हां ये उसी दौर की बात है, जब बिल्लू, पिंकी, चाचा चौधरी, नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव,
पलटू, श्रीमती जी, रमन, हवलदार बहादुर, प्रेत अंकल और ऐसे ही बहुत से नाम हैं जिन्हें पढ़कर दोपहर बिताई जाती थी, किराए के पचास पैसे दुकान में बैठकर पढ़ने के और एक रुपए घर ले जाकर पढ़कर वापस करने के लगते थे,
$¢€ ये वो दौर था जब रेणुका शहाने और सिद्धार्थ कक जी सुरभि सीरियल होस्ट किया करते थे और उसमें लगता था खतों का अंबार, होड़ रहती थी कि सीरियल में हमारा खत पढ़ा जाए उसके लिए लोगबाग अपने खतों को सजा धजा कर भेजा करते थे,,
ये तो चलता रहेगा, आइए आते हैं अपनी कहानी की ओर वापस,
मां से पैसे लेने के बाद बिट्टू घर से निकला और पहले कॉमिक्स दुकान में जाकर पैसे और कॉमिक्स वापस लिए और ०२ नई कॉमिक्स ले ली, फिर पहुंचा पंपू के घर,
"चल पंपू पोस्ट ऑफिस चल सुरभि में पत्र लिखना है फिर अपना भी नाम आएगा।
"कौन सी कॉमिक्स लाया है पहले दिखा और वापसी में गोल्ड स्पॉट पिलाएगा ये बता (गोल्ड स्पॉट अपने टाइम का सबसे फेवरेट सॉफ्ट ड्रिंक)
"हां हां चल
दोनों दोस्त पोस्ट ऑफिस से पत्र लेकर लिख चुके थे उस अब सजाने का काम कर रही थी बिट्टू के बगल में रहने वाली मुनिया (इसकी भी अलग सी कहानी है जो फिर कभी लिखूंगा)
आज पत्र डाल दिया गया था, और वापसी घर आकर कॉमिक्स पढ़ना शुरू। शाम का पंपू और मुनिया का खाना आज बिट्टू के घर पर ही था - पूड़ी, आलू की रसेदार सब्जी और हलवा भी तो था साथ में।
अपने अपने खेलों में मशगूल होकर अब इंतज़ार होने लगा था आने वाले इतवार का,
ये कहानी यहीं तक,
अगली कहानी में बिट्टू के साथ चलेंगे ऑडियो कैसेट में साइड ए और साइड बी में गाने भरवाने के सफर पर,,
इंतज़ार कीजिए कहानी वाला की अगली पोस्ट का...

kisse kahani ki duniya

नमस्ते दोस्तों,

नए ब्लॉग क़िस्से कहानियों की दुनिया में आपका स्वागत है ,  आइये हमारे साथ चलिए कहानियों के सफर में। 

उसी चिर परिचित कहानियों से रूबरू होकर,
कहानियां - जो कभी पढ़ने, कभी सुनने, कभी लिखने तो कभी ..... ये ब्लैंक रहने देते हैं,
ऐसी कहानियां जो दिल को छू लेंगी, जो मन के अहसास को झकझोर देंगी, कभी हंसा देंगी, कभी रुला देंगी, कभी खुशनुमा कर देंगी, कभी गम से भर देंगी लेकिन वही पुराने तरीके की नहीं होंगी,
ये होंगी कहानियां कुछ नए चटकारे के साथ,
कुछ नए फ्यूजन के साथ जैसे जैसे बनी हुई दाल में ऊपर से हिंग का छौंक या 
वनीला आइसक्रीम के ऊपर चाकलेट सिरप का temptation
मजा बहुत आएगा ये १०० फीसदी गारंटी है,

तो फिर इंतज़ार कीजिए पहली कहानी का,
इस किस्सेबाज़ की कलम से....